वास्तु शास्त्र
समृद्धि आकर्षित करने के लिए घर के प्रवेश द्वार की 10 वास्तु टिप्स
आपका मुख्य द्वार सकारात्मक प्राण ऊर्जा का प्रवेश मार्ग है। जानें कि दिशा, स्वस्तिक जैसे प्रतीक और रोशनी आपके घर की ऊर्जा को कैसे प्रभावित करते हैं।
वास्तु में मुख्य प्रवेश द्वार पूरे घर का माहौल तय करता है। ये दस सरल उपाय अपनाना आसान है।
- प्रवेश द्वार साफ़, रोशन और अव्यवस्था से मुक्त रखें।
- उत्तर, उत्तर-पूर्व और पूर्व दिशा के प्रवेश द्वार पारंपरिक रूप से श्रेष्ठ माने जाते हैं।
- अंदर की ओर और घड़ी की दिशा में खुलने वाला मज़बूत लकड़ी का दरवाज़ा लगाएँ।
- दरवाज़े के ऊपर स्वस्तिक, ॐ या शुभ तोरण लगाएँ।
- दरवाज़े के ठीक सामने जूतों की रैक न रखें।
- चरमराते कब्ज़े और टूटी नेमप्लेट तुरंत ठीक करें।
- स्पष्ट अक्षरों वाली धातु या लकड़ी की नेमप्लेट लगाएँ।
- प्रवेश द्वार के ठीक सामने दर्पण न लगाएँ।
- घर की सीमा दर्शाने के लिए दहलीज़ बनाएँ।
- शाम को प्रवेश द्वार पर गर्म रोशनी का उपयोग करें।
ज्योतिष पारंपरिक मार्गदर्शन और दृष्टिकोण देता है। यह पेशेवर चिकित्सकीय, क़ानूनी या वित्तीय सलाह का विकल्प नहीं है।
जअ
लेखक
ज्योतिषी अमित रॉय
वैदिक ज्योतिषी जो कुंडली, ग्रह दशा, रत्न और उपायों पर व्यावहारिक मार्गदर्शन देते हैं।
अपनी कुंडली के अनुसार विशेष मार्गदर्शन चाहते हैं?
ज्योतिषी अमित रॉय के साथ एक गोपनीय व्यक्तिगत परामर्श बुक करें।

